Monday, 31 December 2012

शत्रु नाशक यंत्र






विधान एवं प्रभाव :- 

इस यंत्र को जो मनुष्य धारण करता हैं । उस मनुष्य का शत्रु उससे शत्रुता करना छोड़ देता हैं और अगर नहीं छोड़ता है तो नष्ट हो जाता हैं । तंत्र मंत्र आदि अभिचार का का प्रभाव नहीं पड़ता है । भूत प्रेत बाधा नहीं होती । और मनुष्य जो भी कार्य करता हैं उस में उसको सफलता प्राप्त होती हैं । 

इस यंत्र को शुभ महूर्त मीन अष्टगंध की स्याही से अनार की कलम द्वारा भोजपत्र पर निर्माण करें तथा निर्माण करते वक़्त अपने मुंह में मिस्री रखें । तथा घी का दीपक जलता रहे । 

मंत्र  :-           "   धूं कुरु कुरु फट्  "

आम की लकड़ी पर उपर दिये मंत्र से हवन करें 108 आहुति इस मंत्र की दें । यंत्र को धूपित कर धारण करें । यंत्र अपना प्रभाव तुरंत प्रकट करने लगता हैं । 





7 comments:

  1. PRANAM
    AAP KA YE PRAYOG MUJHE PASAND AAYA, IS YANTRA KA KOI BURA PARINAM TO NAHI HOGA, AUT IS YANTRA KO BANANE KE BAAD ISE KIS CHIJ ME PAHANANA HAI, AUR MEEN NAKSHATRA KAB AATA HAI, KRIPYA KARKE MERI JIGYASA KA SAMADHAN KARE
    DHANYAWAD

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  2. aahuti me kaun si samidha prayog me leni hai

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  3. ISS yantra ko Tamra Patra pea siddh karke milega Kya ?? Pls sampark Kare 9819101324.

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  4. हवन सामाग्री क्या होगी

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  5. Amrit,
    Sir pls bataye हवन samagri kya hogi

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  6. यंत्र निर्माण कराने vakta मुह मे mishree ना रख पाए तो

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  7. Isake बारे. Me bataye

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